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रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है?
रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ को दूध उलटना या हलà¥à¤•ा दूध निकालना (पोसेटिंग) à¤à¥€ कहा जाता है। यह तब होता है जब शिशॠजो दूध पी चà¥à¤•ा होता है वह वापिस उसकी à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका (इसोफेगस) में ऊपर की तरफ आ जाà¤à¥¤ इसका चिकितà¥à¤¸à¤•ीय नाम गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ इसोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (जीओआर) है।
यदि आपके शिशॠको à¤à¥€ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रहता है तो मलमल का कपड़ा या रà¥à¤®à¤¾à¤² आपके काफी काम आ सकता है! फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले दोनों ही शिशà¥à¤“ं को रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ हो सकता है।
आपके शिशॠके पेट में अमà¥à¤² (à¤à¤¸à¤¿à¤¡) होता है जो दूध को पचाने में मदद करता है। दूध और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का यह मिशà¥à¤°à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका में ऊपर की तरफ आ सकता है और शिशॠको असहज कर सकता है। यदि आपको कà¤à¥€ à¤à¥€ सीने में जलन या à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ रही हो, तो आप समठसकती हैं कि à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ से किस तरह की जलन महसूस होती है।
रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की वजह से बार-बार का मà¥à¤‚ह साफ करना पड़ता है और दूध के छींटे गिरने पर सफाई का काम बढ़ जाता है। इससे आप परेशान हो सकती हैं, मगर à¤à¤¸à¤¾ करना शिशà¥à¤“ं के लिठसामानà¥à¤¯ है। यह आमतौर पर किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। सामानà¥à¤¯à¤¤: तकरीबन आधे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शिशà¥à¤“ं को à¤à¤¸à¤¾ होता है और इनमें से पांच पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शिशà¥à¤“ं के साथ तो दिन में छह या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार à¤à¤¸à¤¾ हो जाता है। रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ à¤à¤• असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ समसà¥à¤¯à¤¾ है जो शिशॠकी पाचन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के परिपकà¥à¤µ होने के साथ अकà¥à¤¸à¤° बेहतर होती जाती है।
हालांकि, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं में यह तकलीफदेह, गंà¤à¥€à¤° या लगातार रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-इसाफगस रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डीजीज या जीओआरडी) हो सकता है।
शिशà¥à¤“ं में रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (दूध उलटने) की वजह कà¥à¤¯à¤¾ है?
आपके शिशॠकी à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका उसके मà¥à¤‚ह को पेट से जोड़ती है। यह नलिका जहां पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ है वहां à¤à¤• वैलà¥à¤µ होता है, जो मांसपेशी के छलà¥à¤²à¥‡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है। जब आपका शिशॠदूध पीता है, तो यह वैलà¥à¤µ दूध को अंदर लाने के लिठखà¥à¤²à¤¤à¤¾ है और फिर बंद हो जाता है ताकि दूध पेट में ही रहे। चूंकि मांसपेशी का यह छलà¥à¤²à¤¾ अà¤à¥€ परिपकà¥à¤µ हो रहा होता है, इसलिठहमेशा ठीक से काम नहीं कर पाता।
इसका मतलब है कि जब आपके शिशॠका पेट à¤à¤° जाता है, तो दूध और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका में वापिस आ सकते हैं और असहजता पैदा कर सकते हैं। जब à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो आप शायद इसे देख सकेंगी, मगर कई बार आपका शिशॠदूध को गटक सकता है या फिर संà¤à¤µ है कि दूध शिशॠके मà¥à¤‚ह तक आठही ना। इसे साइलेंट रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ कहा जाता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपके शिशॠका पेट अà¤à¥€ छोटा है, इसलिठवह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध नहीं पी सकता और दूध का बाहर निकलना सामानà¥à¤¯ है। नवजात शिशॠके पेट का माप पहाड़ी बादाम जितना होता है। तीन दिन बाद यह बढ़कर अखरोट जितना हो जाता है। जब शिशॠ10 दिन का होता है, तो उसके पेट का माप मà¥à¤°à¥à¤—ी के à¤à¤• बड़े अंडे के करीब ही होता है।
शिशॠके पेट को à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका से जोड़ने वाला यह मांसपेशीय वैलà¥à¤µ समय के साथ-साथ मजबूत होता जाà¤à¤—ा। इसका मतलब है कि उसके पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ने के साथ-साथ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होना à¤à¥€ बंद हो जाà¤à¤—ा। जिन शिशà¥à¤“ं को रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रहता है उनमें से करीब 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ को à¤à¤• साल का होने तक यह परेशानी नहीं रहती।
कई बार रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ को किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से à¤à¥€ जोड़ा जाता है, जिसमें शिशॠकी पाचन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ बहà¥à¤¤ धीरे काम करने लगती है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में शिशॠके पेट में à¤à¥‹à¤œà¤¨ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक रहता है। à¤à¤¸à¤¾ गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ की वजह से संà¤à¤µ है। यदि आपको लगता है कि आपके शिशॠके साथ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कैसे पता चलेगा कि मेरे शिशॠको रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ है?
आपका शिशॠथोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में दूध उलटेगा या फिर दूध पीने के बाद कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° उलà¥à¤Ÿà¥€ करेगा। उसे हिचकियां और खांसी à¤à¥€ हो सकती है और थोड़ा सा दूध छींटों के तौर पर निकल सकता है।
यह सामानà¥à¤¯ है और जब तक आपका शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लग रहा हो, तब तक चिंता करने की कोई बात नहीं होती। बस आप यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके पास टिशà¥à¤¯à¥‚ या रà¥à¤®à¤¾à¤² हमेशा हो।
शिशॠको रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होने से कैसे बचाया जा सकता है?
यदि शिशॠको हलà¥à¤•ा रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रहता है और वह सही से दूध पी रहा है और इससे उसे कोई परेशानी नहीं हो रही, तो निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपाय आपके काम आ सकते हैं:
दूध पिलाते समय जितना अधिक हो सके शिशॠको सीधी अवसà¥à¤¥à¤¾ में रखें।
हर बार दूध पिलाने के बाद शिशॠको 20 से 30 मिनट तक सीधे पकड़े रखें।
शिशॠको कम मातà¥à¤°à¤¾ में मगर बार-बार दूध पिलाकर देखें।
हर बार दूध पिलाने के बाद शिशॠको डकार दिलाà¤à¤‚। यदि आप शिशॠको बोतल से दूध पिलाती हैं, तो उसे दूध पिलाने के दौरान हर दो से तीन मिनट में डकार दिलवाà¤à¤‚। यह à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतल की निपà¥à¤ªà¤² का छेद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा न हो। यदि छेद बड़ा हो तो दूध बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ बाहर आता है।
आप शिशॠका सिराहना ऊंचा करके देख सकती हैं। इसके लिठआप उसके गदà¥à¤¦à¥‡ के नीचे कà¥à¤› लगा सकती हैं। शिशॠको पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤, मगर यदि उसका सिर, पैरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा ऊंचा हो तो मदद मिलती है।
शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब ले जाना चाहिà¤?
थोड़ा बहà¥à¤¤ दूध उलटना या दूध पीने के बाद कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° उलà¥à¤Ÿà¥€ कर देना चिंता की बात नहीं है। मगर यदि आपको शिशॠमें निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें:
उसे बार-बार रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ हो रहा है
दूध पीने के दौरान या बाद में वह चिड़चिड़ा रहता है, रोता है और अपनी पीठको चापाकार में मोड़ता है।
दूध पीने के दो घंटे तक नियमित तौर पर काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¥€ करता है
वह हरी या पीली उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है या उसकी उलà¥à¤Ÿà¥€ में खून है जो कि कॉफी पाउडर जैसा दिखता है।
वह दूध पीने में परेशान करता है या दूध पीने के लिठमना करता है, मगर यदि आप उसे पैसिफायर या सूदर दें तो वह उसे चूसता है
à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि उसके पेट या गले में दरà¥à¤¦ है
उसका वजन नहीं बढ़ रहा है
शिशॠको कब-कब रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होता है, इसकी à¤à¤• डायरी बनाà¤à¤‚ और हो सके तो इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° को à¤à¥€ दिखाà¤à¤‚। आप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित बातों को नोट करें:
आपका शिशॠकब दूध पीता है
उसके रोने का दौर कब शà¥à¤°à¥ होता है
वह कितनी बार और कितना दूध उलट रहा है
इस जानकारी से डॉकà¥à¤Ÿà¤° को यह निरà¥à¤£à¤¯ लेने में मदद मिलेगी कि कहीं यह सब किसी और वजह से तो नहीं हो रहा। शिशॠको नियमित जांच के लिठलेकर जाठताकि उसका वजन मापा जा सके। इस तरीके से सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सकेगा कि शिशॠसही ढंग से बढ़ रहा है।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠके दूध उलटने के कोई उपचार हैं?
यदि आपके शिशॠका रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ गंà¤à¥€à¤° या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान करने वाला हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सलाह दे सकते हैं:
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट à¤à¤‚टासिड आजमाकर देखना
à¤à¤‚टासिड शिशॠके पेट में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को खतà¥à¤® कर देता है, इसलिठदूध à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका में ऊपर की तरफ आ जाà¤, तो à¤à¥€ शिशॠको इतना दरà¥à¤¦ महसूस नहीं होता। à¤à¤‚टासिड को à¤à¤²à¥à¤—िनेट दवा के साथ मिलाकर à¤à¥€ लिया जा सकता है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ दवा है जो दूध और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को शिशॠके पेट में बनाठरखने में मदद करती है।
यदि आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं तो कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° सलाह देते हैं कि आप सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध निकालकर (à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸) उसमें थोड़ा à¤à¤‚टासिड मिलाकर शिशॠको दें।
यह उबालकर ठंडे किठगठपानी में या फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में मिलाकर à¤à¥€ दिया जा सकता है।
शिशॠको à¤à¤‚टासिड कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में देनी चाहिà¤, इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गे।
यदि ये उपाय काम न आà¤, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° अतिरिकà¥à¤¤ दवाई या मोटिलिटी à¤à¤œà¥‡à¤‚ट लेने की सलाह दे सकते हैं। ये à¤à¥€ काम न आठतो वे फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध की जगह सोया आधारित फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देने या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके आहार से डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ हटाने की सलाह दे सकते हैं।
कोई à¤à¥€ बदलाव करने से पहले शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछे बिना शिशॠको कोई à¤à¥€ दवा न दें।
गाय का दूध बंद करना
यह जान पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कितने शिशà¥à¤“ं को गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• जैसे होते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रोग से पीड़ित शिशà¥à¤“ं को गाय के दूध के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है।
यदि आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं, तो आपको दूध और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे कि पनीर, चीज़, योगरà¥à¤Ÿ या दही का सेवन बंद करके देखना होगा, ताकि ये आपके सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में ना मिल सकें। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ केवल शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह करके करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह न केवल शिशॠको पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है बलà¥à¤•ि आपके आहार और पोषण पर à¤à¥€ असर डालता है।
यदि आप शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠको कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठहाइपोà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• फॉरà¥à¤®à¥‚ला देने की सलाह दे सकते हैं और देखेंगे कि इससे फरà¥à¤• पड़ता है या नहीं।
आपके शिशॠको और अधिक जांचें करवाने और विशेषजà¥à¤ž को दिखाने की जरà¥à¤°à¤¤ निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हो सकती है:
आपके शिशॠकी उलà¥à¤Ÿà¥€ में खून है, जो कि कॉफी पाउडर जैसा दिख सकता है
आपके शिशॠको à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ यानि खून की कमी हो जाती है (उसके पास परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ नहीं हैं)
शिशॠलगातार खांसता रहता है या अकà¥à¤¸à¤° उसे छाती का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो जाता है
शिशॠका वजन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं बढ़ रहा है
शिशॠको निगलने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही है
शिशॠका उलà¥à¤Ÿà¥€ करना बंद नहीं हो रहा है
ये लकà¥à¤·à¤£ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं, मगर यदि आप इनमें से किसी को à¤à¥€ लेकर चिंतित हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। घर के बड़े-बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— आपको होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ उपचार लेने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन, शिशॠको कोई à¤à¥€ हरà¥à¤¬à¤² उपचार देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
हरà¥à¤¬à¤² उपचार, शहद से बनी घरेलू दवाà¤à¤‚ और जनà¥à¤® घà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ आदि में à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µ हो सकते हैं जो छोटे शिशà¥à¤“ं के लिठसही न हों। यदि आप कोई वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• दवा आजमाना चाहे, तो पहले किसी पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विशेषजà¥à¤ž की सलाह लेना न à¤à¥‚लें।
शिशॠके दूध उलटने की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
शिशॠका लगातार दूध उलटना आपको काफी परेशान कर सकता है व थका सकता है। दूध उलटने के छींटे काफी दूर तक जा सकते हैं और आप पर, आपके शिशॠऔर आसपास रखे सामान पर गिर सकते हैं। हो सकता है आपको अपने अंदर हमेशा फटे दूध की सी गंध महसूस होती हो। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ काफी आम है और अधिकांश माता-पिताओं को इससे गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता हैं।
आप ये सरल उपाय आजमाकर देख सकती हैं:
शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ कपड़े पहनाà¤à¤‚, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आसानी से निकाला जा सके और धोया जा सके। शिशॠको पहनाने के लिठकई जोड़ी साफ कपड़े तैयार रखें।
शिशॠको लेकर बैठने के लिठविशेष सोफे या कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें और इसे किसी चादर या तौलिये से ढक दें। à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ चादर या कवर à¤à¥€ तैयार रखें ताकि आप à¤à¤• धो सकें और दूसरी बिछा सकें।
शिशॠकी पà¥à¤°à¥ˆà¤®, कार सीट पर à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ कवर बिछाà¤à¤‚ जिसे आसानी से धोया जा सके। à¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ कवर à¤à¥€ रखें ताकि à¤à¤• को धोया और दूसरे को बिछाया जा सके।
कार की सीट पर à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ कवर लगा लें जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पौंछ कर साफ किया जा सके और साज-सजà¥à¤œà¤¾ का सामान à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहे। शिशॠके बड़ा होने पर à¤à¥€ ये काफी काम आà¤à¤‚गे।
अपने लिठà¤à¥€ आप à¤à¤•-दो अतिरिकà¥à¤¤ कà¥à¤°à¥à¤¤à¥‡ या टॉप रखें और शिशॠके कपड़े व मलमल के रà¥à¤®à¤¾à¤² अपने बैग में रखें। गंदे कपड़े रखने के लिठकà¥à¤› पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• के कैरी बैग à¤à¥€ ले लें।
अपने बैग में हमेशा बेबी वाइपà¥à¤¸ और पानी की बोतल रखें।
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